बीवियों के बारे मे महान व्यक्तियों के महान विचार ......
विवाह आपके लिए हर तरह से लाभकारी है - यदि अच्छी पत्नी मिली तो सुखी रहेंगे, बुरी मिली तो फिलॉस्फर बनेंगे... (सुकरात)
नारी हमें महान कार्य करने की प्रेरणा देती है, और उन्हें अंजाम देने से रोकती है... (ड्यूमॉस)
जीवन का सब से दुष्कर प्रश्न, जिसका मुझे उत्तर नहीं मिल पाया है - आखिर नारी चाहती क्या है...? (फ्रायड)
कुछ लोग मुझसे हमारे सफल दाम्पत्य जीवन का राज़ पूछते हैं... हम हर सप्ताह में दो बार रेस्तरां जाने का समय निकालते हैं - कैंडल-लाइट डिनर, कुछ संगीत, कुछ नाच... वह हर मंगलवार को जाती है, मैं हर शुक्रवार को... (हेनरी यंगमैन)
मैं आतंकवाद से नहीं डरता... मैं दो साल तक शादीशुदा रहा हूं... (सैम किनिसन)
बीवियों के बारे में मेरी किस्मत हमेशा ख़राब रही... पहली मुझे छोड़कर चली गई, और दूसरी नहीं गई... (पैट्रिक मरे)
यह सही है कि सब लोग आज़ाद और बराबर जन्म लेते हैं, पर कुछ लोग शादी कर लेते हैं... (नैश)
विवाह एक ऐसी विधि है, जिसके द्वारा आप यह मालूम करते हैं कि आपकी पत्नी को किस तरह का व्यक्ति दरकार था... (नैश)
विवाह को आनन्दमय रखने के दो राज़ - एक, जब आप गलत हों, गलती मान लें... दो, जब आप सही हों, चुप रहें... (नैश)
मेरी पत्नी को बस दो शिकायतें हैं - पहनने को कुछ नहीं है, और कपड़ों के लिए अलमारियां काफी नहीं हैं... (हेनरी यंगमैन)
मैं शादी से पहले क्या करता था - जो जी में आता था... (हेनरी यंगमैन)
हमारा वार्तालाप हुआ - मैंने कुछ शब्द कहे, और उसने कुछ पृष्ठ कहे... (हेनरी यंगमैन)
मेरी पत्नी और मैं 20 साल तक बहुत खुश रहे... फिर हमारी मुलाकात हो गई... (रॉडनी डेंजरफील्ड)
मैंने अपनी पत्नी से कई वर्ष से बात नहीं की... मैं उसे बीच में नहीं टोकना चाहता था... (रॉडनी डेंजरफील्ड)
एक अच्छी #पत्नी हमेशा अपनी ग़लती के लिए अपने पति को माफ कर देती है... (मिल्टन बर्ल)
एक विवाहित बेटी का पत्र उसकी माँ के नाम
"माँ तुम बहुत याद आती हो"
अब मेरी सुबह 6 बजे होती है
और रात 12 बज जाती है
, तब"माँ तुम बहुत याद आती हो"
सबको गरम गरम परोसती हूँ,
और खुद ठंढा ही खा लेती हूँ,
तब"माँ तुम बहुत याद आती हो"
जब कोई बीमार पड़ता है तो
एक पैर पर उसकी सेवा में लग जाती हूँ,
और जब मैं बीमार पड़ती हूँ
तो खुद ही अपनी सेवा कर लेती हूँ,
तब"माँ तुम बहुत याद आती हो..
"जब रात में सब सोते हैं
,बच्चों और पति को चादर ओढ़ाना नहीं भूलती,
और खुद को कोई चादर ओढाने वाला नहीं
, तब"माँ तुम बहुत याद आती हो"
सबकी जरुरत पूरी करते करते खुद को भूल जाती हूँ,
खुद से मिलने वाला कोई नहीं,
तब "माँ" तुम बहुत याद आती हो
"यही कहानी हर लड़की की शायद शादी के बाद हो जाती है
कहने को तो हर आदमी शादी से पहले कहता है"
माँ की याद तुम्हें आने न दूँगा
"पर, फिर भी क्यों?"
#माँ तुम बहुत याद आती हो" ।
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